Thursday, 13 July 2017

क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली तकनीके जिनसे अंपायर को निर्णय लेने में काफी मदद मिलती है

क्रिकेट में नये तकनीकों के आने से जहाँ क्रिकेट के खेल में काफी सुधार देखने को हमे मिला है, अंपायर द्वारा पहले की जाने वाले गलतियों में भी भरी गिरावट देखने को मिला है। इंटरनेशनल क्रिकेट कॉउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर देव रिचर्डसन ने हाल में ही बताया की उनका करार इंटेल से हुआ है जिसके मदद से नई तकनीकों को क्रिकेट के खेल से जोड़ने में इंटेल उनके मदद करेगा ,वही क्रिकेट बैट लगाई जाएगी जिसके मदद से बैट की स्विंग गति तथा तकनीक चिप में स्टोर हो जाएगी जिससे खेल को सुधारने में मदद मिलेगी। कुछ ऐसे ही तकनीको की जिससे आने से क्रिकेट में रोमांच तथा गलत निर्णय को बदलने में मदद मिली है

pic credit - Quora
स्नीको मीटर 

जी हाँ पहले अगर बॉल बल्ले का हल्का सा भाग छू कर जाती थी तो अंपायर को काफी मुश्किल होता था निर्णय देने में क्यूंकि स्टेडियम में भरी भीड़ होने की वजह से आवाज़ की वजह से काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी मगर स्नीको मीटर आ जाने से साफ पता चल जाता है की अगर थोड़ा सा भी आवाज़ में परिवर्तन मीटर को देखने मिलता है तो वो धवनि तरंगो को माप कर निर्णय दे देते हैं।
pic credit espn
हॉट स्पॉट 
हॉट स्पॉट का सबसे पहला उपयोग टेस्ट क्रिकेट में किया गया जहाँ इन्फ्रारेड कैमरा इंस्टॉल किया जाता है जिससे ये साफ़ पता चल जाता है की बॉल बल्ले को छू कर निकले है या सीधे पैड पे लगी है ,अंपायर को काफी आसानी हो गयी है जब से हॉट स्पॉट की तकनीक को क्रिकेट से जोड़ा गया .

स्लो मोशन कैमरा 
कैमरा का सबसे अधिक उपयोग रन आउट या नो बॉल देखने में किया जाता है ,जहाँ हमारे आंखे धोखा खा जाती हैं मगर ये कैमरा सही निर्णय लेने में अंपायर की मदद करता है। रन आउट होने की स्थिति हो चाहे मुश्किल कैच को आउट या नॉट आउट देना सब में इस तकनीक का बखूबी इस्तेमाल किया जाता है।
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जिंग विकेट
एलईडी लाइट वाला स्टंप आज कल क्रिकेट में खूब प्रचलन में है जहाँ डे नाईट में इसका खूब प्रयोग होता है वही ये सटीक बताता है की कब स्टंप से गिल्ली नीचे गिरी या रन आउट के समय बेल्स विकेट से गिरी या नहीं गिरी।
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हॉक ऑय 
हॉक ऑय बड़ी ही बेहतरीन तकनीक है जिसकी मदद से अंपायर को मदद मिलते है ये पता लगाने में की जब बॉल पिच पे गिरी तो उसके क्या लाइन और लेंथ था और वो विकेट पे लगेगी या नहीं इस प्रणाली के आने से अंपायर को सही निर्णय देने में काफी मदद मिली है। ये थी कुछ तकनीकी जिनके आने से क्रिकेट का स्तर और अच्छा हुआ है और अंपायर को सही निर्णय लेने में काफी मददगार साबित हुआ है।
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